प्रदेश में 27 हजार पंचायत सहायकों की नौकरी पर लटकी कटार, यह है वजह

प्रदेश में 27 हजार पंचायत सहायकों की नौकरी पर लटकी कटार, यह है वजह

प्रदेश में 27 हजार पंचायत सहायकों की नौकरी पर लटकी कटार, यह है वजह

चन्दनसिंह देवड़ा/उदयपुर. पूर्ववर्ती (भाजपा)सरकार के कार्यकाल में पीईईओ के जरिए प्रदेशभर में लगाए गए पंचायत सहायकों का अनुबंध एक बार तो बढ़ा, लेकिन कांग्रेस की सरकार बनने के बाद नहीं बढऩे से उनकी नौकरी पर कटार लटक गई है। बता दें कि अनुबंध की अवधि 19 मई को समाप्त हो चुकी है।

इससे पंचायत सहायक पसोपेश में है वहीं प्रदेश के कुछ जिलों में ग्राम विकास अधिकारी पंचायत सहायकों को कार्यमुक्त कर रहे हैं तो कुछ विकास अधिकारी जिला परिषद सीईओ से मार्गदर्शन मांग रहे हैं। बहरहाल समयावधि बढ़ाने को लेकर सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुए है। ऐसे में प्रदेश के 27 हजार पंचायत सहायकों की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

नहीं दिया अनुबंध पत्र

18 मई, 2017 को प्रत्येक पंचायत में तीन-तीन पंचायत सहायकों को 6 हजार रुपए मासिक मानदेय पर एक साल के लिए एमएमसी के जरिए पीईईओ के निर्देशन में भर्ती किया गया था। इनसे स्कूलों में नॉन टीचिंग का काम लेना था, लेकिन बाद में पंचायतीराज विभाग से वित्तीय स्वीकृति मिलने पर इनसे पंचायतों में भी काम लेना शुरू कर दिया गया। मई, 2018 में पीईईओ से संतोषजनक कार्य का प्रमाणपत्र लेने पर इनका अनुबंध एक साल के लिए और बढ़ाया गया, जो 19 मई 2019 को पूरा हो गया। हैरत की बात यह है कि संविदा पर भर्ती से लेकर सेवाएं बढ़ाने तक एक भी बार इन पंचायत सहायकों को अनुबंध पत्र तक नहीं दिया गया है। ऐसे में ये चिंतित है।

चिंता इसलिए ज्यादा

भाजपा राज में हुई इस भर्ती को लेकर कांग्रेस के नेताओं ने चहेतों को नौकरी पर लगा देने का आरोप लगाते हुए खूब हल्ला मचाया। इस पर भाजपा राज में तो अनुबंध एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया, लेकिन कांग्रेस सरकार आने के बाद नहीं बढ़ाया गया।

उदयपुर संभाग में इतने पंचायत सहायक....

उदयपुर 1468

बांसवाड़ा 1038

डूंगरपुर 1891

राजसमंद 724

चित्तौडगढ़़ 928

प्रतापगढ़ 648

केस-01

बूंदी जिले की तालेड़ा पंचायत की जाखमूण्ड पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी ने 20 मई को आदेश जारी कर पंचायत में सेवाएं दे रहे पंचायत सहायक मुकेश कुमार को अनुबंध खत्म होने और सक्षम स्तर पर अनुबंध बढ़ाने संबंधी कोई आदेश नहीं मिलने पर अग्रिम आदेश तक कार्यमुक्त कर दिया।

केस-02

जोधपुर जिले की पंचायत समिति देचू के विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार ने जिला परिषद सीईओ को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है।

इनका कहना है--

"प्रदेश के पंचायत सहायक इस समय बेरोजगार होने के डर से चिंतित है। सरकार से उम्मीद कर रहे हैं कि अनुबंध बढ़ाया जाएगा।"
- घनश्यामसिंह वाजेड़ा, संयोजक संविदाकर्मी संघ, डूंगरपुर

"परेशान हैं लेकिन हम स्कूल और पंचायत से जुड़े काम कर रहे हैं। अनुबंध बढ़ाने को लेकर सरकार को रुख स्पष्ट करना चाहिए।" 
- प्रकाश लोहार, पंचायत सहायक, गिर्वा (उदयपुर )

"पंचायत सहायकों का अनुबंध बढ़ाने को लेकर अभी तक सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं मिले है। जिले में ये अच्छा काम कर रहे हैं। फिलहाल किसी को कार्यमुक्त नहीं किया है।"

-- कमर चौधरी, कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, उदयपुर
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