26 साल बाद टीडी का भारत पर सबसे बड़ा हमला

26 साल बाद टीडी का भारत पर सबसे बड़ा हमला

26 साल बाद टीडी का भारत पर सबसे बड़ा हमला

संकट में घिरी है राजस्थान की फसलें

फसलों का सबसे बड़ा रोग टीडी भारत में प्रवेश कर चुका है राजस्थान में टीडी का सबसे बड़ा प्रकोप देखने को मिलेगा हाल ही की जो रिपोर्ट मिली है उसके अनुसार पाकिस्तान होते हुए राजस्थान में प्रवेश करने वाला है जैसलमेर से टीडी DD1 फसलों का सबसे बड़ा रोग है आज से 26 साल पहले है भारत में टेडी रोग उत्पन्न होता जिसके कारण फसलें नष्ट हो गई करोड़ों का नुकसान हुआ।
अभी की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 10 करोड़ टीडी जैसलमेर होते हुए राजस्थान में प्रवेश करेंगे इसका अनुसार अगर इसे तो खत्म नहीं किया गया तो आने वाली फसलें नष्ट हो जाएगी करोड़ों का नुकसान होगा जिस तरह काल की समस्या उत्पन्न होती है उसी तरीके से इस बीमारी से फसलाे पर अकाल पड़ जाएगा । इसे रोकने के लिए सरकार भी अपने कड़े कदम उठाने के लिए तत्पर है। सरकार ने इसको रोकने के लिए जोधपुर में कंट्रोल रूम स्थापित किया है । 10 टीमें में तैयार की गई है ताकि होने वाले नुकसान से रोका जा सके सरकार ने इसके लिए 50 कर्मचारी तैयार किए हैं अनेक वैज्ञानिकों को उसके रिसर्च पर लगाएं ताकि होने वाले नुकसान को रोका जा सके सरकार अपने भरपूर प्रयास करने जा रही है इस रोकने के लिए एक विशेष प्रकार की एंटीबायोटिक दवा का इस्तेमाल किया जाना है एक अनुमान के अनुसार माना जाए तो टीडी एक साथ 100 अंडे देती है अगर माना जाए कि 10 करोड़ टीडी भारत में प्रवेश करती है तथा एक साथ शो अंडे देती है तो लगभग 10 किलोमीटर एक साथ टेडी की चपेट में आ जाएंगे।
वर्ष 1993 में हुआ था ऐसा आउट ब्रेक हुआ था
देश में  1993 में  टीटी आउटब्रेक हुआ था जब काफी सारी फसलों को नुकसान हुआ तथा  बाद में समय रहते हुए इसे काबू में कर लिया गया लेकिन काफी तादाद में नुकसान हुआ।
जैसलमेर पोकरण रामदेवरा बीकानेर गंगानगर आसपास टीडी होने की सबसे अधिक संभावना बताई गई है सर्वे रिपोर्ट की संभावना रिपोर्ट भेजी जा रही है यहां पर लगभग 10 हेक्टेयर के अंदर नष्ट करने के इंतजाम किए जा रहे हैं अभी तक के लगभग सभी अंडे साफ कर दिए गए हैं और सर्वे रिपोर्ट दिनसर्वे  जारी है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार  के अनुसार 30 मई धनपुरा सर्वे हो जाएगा ।
टीडी को रोकने की दवाई?
 टीडी को रोकने के लिए विशेष प्रकार की दवाई का इस्तेमाल किया जा रहा है इस दवाई के छिड़काव सिटी डी के सारे अंडे नष्ट हो जाएंगे तथा फसलों को नुकसान होने से बताया जा सकेगा सर्वे के अनुसार लगभग टीडी के सारे अंडे इसी दवाई से नष्ट किया गया है।
उपरोक्त सभी जगहों पर 725 मीथालीन का छिड़काव किया गया फिलहाल संकट रुका नहीं है।
अगर समय रहते इस पर काबू नहीं पाया गया कितना बड़ा संकट होगा इसका अनुमान लगाना संभव नहीं है

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